आजमाइशों का ना अंत आया है,
आजमाइशों का ना अंत आयेगा ।
आया है तू यहाँ क्या पाने पर,
पता नहीं क्या पायेगा ।
- संत श्री अल्पा माँ
आजमाइशों का ना अंत आया है,
आजमाइशों का ना अंत आयेगा ।
आया है तू यहाँ क्या पाने पर,
पता नहीं क्या पायेगा ।
- संत श्री अल्पा माँ