View Hymn (Bhajan)
Hymn No. 2117 | Date: 17-May-19971997-05-171997-05-17आजतक, और हमने किया भी क्या है, प्रभु तुझको जख्म पर जख्म देते आए है।Sant Sri Apla Mahttps://mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=ajataka-aura-hamane-kiya-bhi-kya-hai-prabhu-tujako-jakhma-para-jakhmaआजतक, और हमने किया भी क्या है, प्रभु तुझको जख्म पर जख्म देते आए है।
करके बात समझदारी की, तुझको सदा गलत समझते आए है।
अपनेआप पर गर्व करे तो कैसे करे, काम सारे गलत करते आए है।
भूलकर खुद को समझाना, हम सदा तुझको समझाते आए है।
तेरी नजरों में रहे सदा सबसे ऊपर, यहीं कोशिश करते आए है,
पर नजरों में उठने की बजाय हम तो सदा तेरी नजरों से गिरते आए है।
अपनी कमजोरियों को फरियाद में सदा हम तो ढ़ालते आए है।
ना की है कभी फिक्र तेरी ऐ खुदा, फिक्र सदा अपनी करते आए है।
गुमनाम राहों का सदा साथ हम निभाते चले आए है।
वैसे तो निकले है तेरी खोज़ में पर तुझको सदा भूलाते आए है।
आजतक, और हमने किया भी क्या है, प्रभु तुझको जख्म पर जख्म देते आए है।